दीपक जोशी @ बागेश्वर— जिला मजिस्ट्रेट/अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, बागेश्वर रंजना राजगुरू के निर्देशन में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण देहरादून, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आवागमन की अनुमति प्राप्त होने के उपरान्त उत्तराखण्ड आने वाले व्यक्तियों, जो कि ग्रामीण/शहरी क्वारंटाइन केन्द्र में होम क्वारंटाइन अथवा होम आइसोलेशन में हैं, की कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप निगरानी किये जाने से सम्बन्धित स्थानीय शहरी निकाय (Urban Local Bodies) तथा ग्राम सभा/ग्राम प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत राज्य कार्यकारी समिति आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 22 (एच) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए समस्त स्थानीय शहरी निकायों एवं ग्राम प्रधानों को निम्नलिखित शक्तियों का प्रतिनिधायन करते हुए पारित आदेश के क्रम में जनपद स्तर पर निम्न आदेश पारित किये गये है, जिसमें राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, देहरादून के आदेश के क्रम में प्रदेश स्तर पर ग्रामीण/शहरी क्वारंटाइन केन्द्रों, होम क्वारंटाइन अथवा होम आइसोलेशन में निवासरत व्यक्तियों की निगरानी हेतु चन्द्रेश यादव आई.पी.एस तथा अभिनव कुमार आई.पी.एस. को राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जनपद स्तर पर इस कार्य हेतु मुख्य विकास अधिकारी, बागेश्वर को जिला नोडल अधिकारी एवं तकनीकी सहयोग हेतु जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, बागेश्वर को नामित किया गया है।

शासनादेशानुसार समस्त व्यक्तियों को निर्धारित अवधि तक क्वारंटाइन किये जाने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित शहरी निकाय अथवा ग्राम पंचायत का होगा। जिनके सहयोग हेतु शहरी निकाय तथा ग्राम पंचायत हेतु नोडल अधिकारी नामित किये गये है, जिसमें नगरपालिका परिषद बागेश्वर हेतु जिला क्रीडा अधिकारी, बागेश्वर तथा अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद बागेश्वर, नगर पंचायत कपकोट हेतु अधिशासी अधिकारी, नगरपंचायत कपकोट, विकासखण्ड बागेश्वर हेतु खण्ड विकास अधिकारी बागेश्वर, विकासखण्ड कपकोट हेतु खण्ड विकास अधिकारी कपकोट तथा विकासखण्ड गरूड़ हेतु खण्ड विकास अधिकारी गरूड़ को नामित किया गया है।

नामित नोडल अधिकारी अपने स्तर से प्रत्येक वार्ड/ग्राम पंचायत हेतु नोडल नामित कर वार्ड/ग्राम में बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पंजीकरण व निगरानी के लिये उत्तरदायी होंगे। घर पर क्वारंटाइन न हो पाने की स्थिति में स्थानीय शहरी निकास व ग्राम पंचायत के द्वारा इन व्यक्तियों को 14 दिनों की निर्धारित अवधि के लिये चिन्हित क्वारंटाइन केन्द्र में क्वारंटाइन किया जायेगा तथा इन स्थानों में बिजली, पानी, साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था नामित नोडल अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जायेगी।

सम्बन्धित स्थानीय शहरी निकास व ग्राम प्रधान के द्वारा इन व्यक्तियों को चिन्हित क्वारंटाइन केन्द्र में क्वारंटाइन किये जाने की स्थिति में उक्त पर होने वाले व्यय हेतु राज्य आपदा मोचन निधि (एस0डी0आर0एफ0), मुख्यमंत्री राहत कोष (सी0एम0आर0एफ0) अथवा अन्य मदों से नियमानुसार व्यय के मानकों के अनुसार प्राप्त धनराशि से दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि जनपद में राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों द्वारा अनिवार्य रूप से वैब पोर्टल http://smartcitydehradun-uk-gov-in/ पर पंजीकरण किया हो। प्रत्येक ग्राम पंचायत के नोडल अधिकारी के सहयोग हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, ग्राम प्रहरी व अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया जायेगा। स्मार्ट सिटी, देहरादून द्वारा बनाये गये mobile app “migrant-apk” को सभी ग्राम प्रधानों, वार्ड मेम्बर, सभी नोडल अधिकारियों, ग्राम प्रहरी, शहरी वार्डो में निगरानी हेतु तैनात प्रान्तीय रक्षक दल/होम गार्ड्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती व समस्त स्वयंसेवकों के मोबाइल फोन पर लोड करवाया जायेगा तथा ग्राम/शहरी क्वारंटाइन केन्द्रों, होम क्वारंटाइन अथवा होम आईसोलेशन में निवासरत सभी व्यक्तियों की निगरानी इस मोबाइल एप के माध्यम से कार्रवाई जायेगी। बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों के मोबाइल फोन पर कोविड-19 से सुरक्षा हेतु भारत सरकार द्वारा विकसित Aarogya Setu मोबाइल एप को इंस्टॉल करवाने व इसे उपयोग में लाना सुनिश्चित करवाने के साथ-साथ स्थानीय शहरी निकाय तथा ग्राम सभा में निवासरत अन्य व्यक्तियों को भी इसके उपयोग हेतु प्रेरित करने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित स्थानीय शहरी निकाय व ग्राम प्रधान का होगा।

चिन्हित क्वारंटाइन केन्द्र में क्वारंटाइन/होम आइसोलेशन में निवासरत व्यक्तियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाये जाने तथा इन व्यक्तियों में कोविन-19 को लक्षण पाये जाने की स्थिति में उका को सम्बन्धित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी अथया उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के संज्ञान में लाये जाने के लिये सम्बन्धित स्थानीय शहरी निकाय एवं ग्राम पंचायत उत्तरदायी होगी। जनपद अन्तर्गत स्थानीय शहरी निकाय एवं ग्राम पंचायत के द्वारा कोविड-10 की रोकथाम हेतु घरों में व्यक्तियों को क्वारंटाइन किये जाने के सम्बन्ध में दिये गये निर्देशों का पालन न करने या उक्त के क्रम में किये जा रहे कायोर्ं में व्यवधान डालने के दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 के साथ-साथ ऐपिडेमिक डिजीजेस एक्ट, 1897 तथा उत्तराखण्ड ऐपिडेमिक डिजीजेरा कोविड़-19 रेगुलेशन, 2020 के अन्तर्गत पुलिस विभाग द्वारा विधिक कार्यवाही की जायेगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा दिनांक 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।



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